वैश्विक सेमीकंडक्टर कंपनी टावर सेमीकंडक्टर ने एनवीडिया के साथ मिलकर भारत में सिलिकॉन फोटोनिक्स कंपोनेंट्स का उत्पादन शुरू किया है। यह टेक्नोलॉजी एआई डेटा सेंटरों में हाई-स्पीड डेटा ट्रांसफर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
यह कदम भारत को ताइवान और चीन पर निर्भरता कम करने की वैश्विक रणनीति का हिस्सा है। भारत अब एक ट्रस्टेड जियोग्राफी के रूप में स्थापित हो रहा है जो पश्चिमी रक्षा और एयरोस्पेस कंपनियों को आकर्षित कर रहा है।
10 बिलियन डॉलर की प्रोत्साहन योजना से शुरू हुआ भारत का सेमीकंडक्टर सफर अब 18 बिलियन डॉलर के मिशन में बदल चुका है। टाटा का पहला 28 नैनोमीटर चिप दिसंबर 2026 में उत्पादन शुरू करेगा और माइक्रोन अपनी सानंद सुविधा के फेज 2 का विस्तार कर रहा है।
भारत ने सेमीकंडक्टर केमिकल्स और हाई-प्यूरिटी गैसों का घरेलू उत्पादन भी शुरू किया है जो पहले पूरी तरह आयातित थे। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत सॉफ्टवेयर-केंद्रित अर्थव्यवस्था से हार्डवेयर पावरहाउस में बदलने की प्रक्रिया में है।