2026 में भारतीय फैशन इंडस्ट्री में सस्टेनेबल और इको-फ्रेंडली फैशन का ट्रेंड जोरों पर है। युवा भारतीय डिजाइनर खादी, हैंडलूम और ऑर्गेनिक कपड़ों को आधुनिक डिजाइन के साथ पेश करके वैश्विक स्तर पर पहचान बना रहे हैं।
फास्ट फैशन के खिलाफ जागरूकता बढ़ रही है। उपभोक्ता अब कपड़ों की गुणवत्ता, उत्पत्ति और पर्यावरणीय प्रभाव पर ध्यान दे रहे हैं। थ्रिफ्ट शॉप्स और सेकंड-हैंड कपड़ों के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की लोकप्रियता में भारी वृद्धि हुई है।
सरकार की वोकल फॉर लोकल पहल ने भी इस ट्रेंड को बल दिया है। बनारसी साड़ी, कांजीवरम सिल्क, चंदेरी और इकत जैसे पारंपरिक कपड़े अब अंतरराष्ट्रीय फैशन शो में धूम मचा रहे हैं।
कई स्टार्टअप्स ने रीसाइकल्ड फैब्रिक और नेचुरल डाई का उपयोग करके किफायती और ट्रेंडी कपड़े बनाने शुरू किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत अपनी समृद्ध टेक्सटाइल विरासत के कारण ग्लोबल सस्टेनेबल फैशन का हब बनने की क्षमता रखता है।