अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 3 फरवरी 2026 को भारत के साथ एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते की घोषणा की। इस समझौते के तहत भारतीय सामानों पर अमेरिकी टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। बदले में भारत ने रूसी तेल की खरीद बंद करने और अमेरिका से अधिक खरीदारी करने पर सहमति जताई है।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से फोन पर बात की और उन्हें अपना सबसे करीबी दोस्त बताया। गृह मंत्री अमित शाह ने इसे ऐतिहासिक समझौता बताते हुए कहा कि यह हर भारतीय के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा।
हालांकि विपक्ष और कुछ विशेषज्ञों ने सवाल उठाया है कि भारत ने बहुत अधिक रियायतें दी हैं। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि भारत ने अपने कृषि क्षेत्र विशेषकर डेयरी को पर्याप्त सुरक्षा दी है।
पांच साल में 500 बिलियन डॉलर की अमेरिकी वस्तुएं खरीदने की प्रतिबद्धता में पहले से पाइपलाइन में मौजूद प्रोजेक्ट्स भी शामिल हैं। यह डील वैश्विक व्यापार युद्ध के बीच भारत-अमेरिका संबंधों को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।